ना कोई हाला ना कोई
प्याला
ना कोई साकी ना कोई
मैयखाना
साकी तु कहां है? तेरा
इरादा क्या है!
क्यों बंद हैं मयख़ाना तेरा
तु और तेरी हाला
कहां हैं
क्यों आखिर तेरे जाम
रुके
हम को भी तो बता
आखिर ये माजरा क्या
है!
हंसी मजाक के वातावरण में जब गुजर जाते हैं अनेक दिन तो प्रतीत होने लगता है वास्तविक । हंसी मजाक में तप कर बाहर निकलने वाला सच मानो...
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