बहुत दिनों तक
छिपाए अपने मन में
प्रेम निमंत्रण
एक दिन कर ही दिया
उसने प्रेमिका से निवेदन
कि मैं करता हूँ
तुमसे प्यार।
प्रेमिका ने कहा,
आशिक़ मेरे
है यह सब बेकार
मैं तो शादीशुदा हुँ
पाबंद ए हया हुँ
बंद करो प्यार का रोना
तुम्हारा निवेदन पुरा नही होना
हंसी मजाक के वातावरण में जब गुजर जाते हैं अनेक दिन तो प्रतीत होने लगता है वास्तविक । हंसी मजाक में तप कर बाहर निकलने वाला सच मानो...
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