Wikipedia

खोज नतीजे

यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 5 जनवरी 2019

व्यथा 1

तुम को क्या बतलाएं बंधु
एक स्वपन था
जो टूट गया
एक आभासी घरोंदा था
जो फूट गया
हाय !
अपनी व्यथा
व्यर्थ यूं हि
समय गवांया 
इन स्वपन को बुनने में
छणभर का ही
समय लगा
इस स्वपन महल को
गिरने में.
x

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

स्वप्न

हंसी मजाक के वातावरण में जब गुजर जाते हैं अनेक दिन तो प्रतीत होने लगता है वास्तविक ।  हंसी मजाक में तप कर बाहर निकलने वाला सच मानो...

tahlka